दुनिया के 54वें नंबर के फ्रांसीसी टेनिस खिलाड़ी आर्थर रिंडरक्नेश ने आगामी शंघाई मास्टर्स के फाइनल के बारे में अपने विचार व्यक्त किए। इस ऐतिहासिक मुकाबले में उनका सामना अपने चचेरे भाई, मोनाको के खिलाड़ी वैलेंटाइन वाचेरो से होगा। यह एक ऐसा मैच है जिसकी टेनिस जगत में किसी ने कल्पना नहीं की थी।
इससे पहले, सेमीफाइनल में आर्थर ने रूसी खिलाड़ी दानिल मेदवेदेव को 4/6, 6/2, 6/4 के स्कोर से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। वहीं, दूसरी ओर वैलेंटाइन वाचेरो ने भी सेमीफाइनल में सर्बिया के दिग्गज खिलाड़ी नोवाक जोकोविच को चौंकाने वाली हार देकर सबको हैरान कर दिया।
मेदवेदेव पर अपनी शानदार जीत के बाद, रिंडरक्नेश ने इस अनूठे फाइनल को लेकर अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा, “दुनिया में कोई इसकी कल्पना नहीं कर सकता था। हम कल 12 साल के बच्चों की तरह मस्ती करने की कोशिश करेंगे। हमारे पास दो विजेता होंगे और कोई हारने वाला नहीं होगा।” यह टिप्पणी उनके और उनके चचेरे भाई के बीच के गहरे बंधन और खेल भावना को दर्शाती है।
यह फाइनल न केवल एक ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के महत्व को उजागर करता है, बल्कि इसमें एक पारिवारिक कहानी भी जुड़ी है जो इसे और भी खास बनाती है। टेनिस प्रशंसक इस अप्रत्याशित और भावनात्मक मुकाबले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
